मथुरा। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर जहां पूरी मथुरापुरी भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंगी हुई है, वहीं श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर व्यवस्थाओं की पोल भी खुलती नजर आ रही है। 84 कोस परिक्रमा मार्ग पर स्थित गुरुनानक नगर रेलवे क्रॉसिंग क्षेत्र में श्रद्धालु मजबूरी में अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार करने को विवश हैं।
दरअसल, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यहां रेलवे लाइन के नीचे एक अंडरपास का निर्माण कराया गया था, लेकिन वर्तमान स्थिति में यह अंडरपास उपयोग के लायक नहीं रह गया है। पूरे पुरुषोत्तम मास के दौरान अंडरपास में गंदगी, कीचड़ और जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे श्रद्धालु इसका उपयोग करने के बजाय सीधे रेलवे ट्रैक पार कर रहे हैं।
84 कोस परिक्रमा करने वाले हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन इस मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन अंडरपास की बदहाल स्थिति के कारण उन्हें जान जोखिम में डालकर रेल लाइन पार करनी पड़ रही है। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में स्थित नाला लंबे समय से ओवरफ्लो चल रहा है। बारिश होते ही अंडरपास पूरी तरह पानी और गंदगी से भर जाता है। शनिवार देर रात हुई बारिश के बाद हालात और भी खराब हो गए। जलभराव के कारण न केवल अंडरपास प्रभावित हुआ, बल्कि आसपास के घरों में भी पानी भर गया।
हैरानी की बात यह है कि कई बार संबंधित अधिकारी क्षेत्र का निरीक्षण कर चुके हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान आज तक नहीं हो सका। श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं।
अब बड़ा सवाल यह है कि यदि रेलवे ट्रैक पार करते समय कोई हादसा हो जाता है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? श्रद्धालुओं ने प्रशासन और नगर निगम से तत्काल अंडरपास की सफाई, जलनिकासी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।