देश के रेल नेटवर्क में एक और बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिल्ली से सिलीगुड़ी तक बुलेट ट्रेन कनेक्टिविटी की घोषणा की है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद राजधानी दिल्ली से पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक का सफर महज 6 घंटे में पूरा किया जा सकेगा।
जानकारी के अनुसार यह हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर दिल्ली–वाराणसी और वाराणसी–सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन परियोजनाओं को जोड़कर विकसित किया जाएगा। इससे उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के करोड़ों लोगों को तेज और आधुनिक रेल सुविधा मिलेगी।
रेल मंत्री ने बताया कि यह परियोजना देश के उत्तर, पूर्व और पूर्वोत्तर क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को नई दिशा देगी। इसके साथ ही व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा।
इससे पहले बजट 2026 में सरकार सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा कर चुकी है, जिनमें दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर भी शामिल हैं। इन रूटों पर 320 से 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनें चलाने की योजना है।
हालांकि परियोजना की विस्तृत समय-सीमा और निर्माण कार्यक्रम की घोषणा अभी नहीं की गई है, लेकिन इस ऐलान को भारत के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।