मथुरा में विकास कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के दावों के बीच जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां कर रही है। बेहेस बगोरा क्षेत्र में खुले पड़े नाले, गंदगी और जलभराव ने स्थानीय लोगों, दुकानदारों और राहगीरों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बारिश का मौसम शुरू होते ही विकास कार्यों की पोल खुलती नजर आ रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार सौंख अड्डे से गुरु नानक रोड तक नगर निगम द्वारा नालों की स्लैब हटाए जाने के बाद उन्हें दोबारा नहीं लगाया गया, जिससे नाले खुले पड़े हैं। इसके कारण सड़क संकरी हो गई है और दिनभर जाम जैसी स्थिति बनी रहती है। राहगीरों को भी आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दुकानदारों का आरोप है कि नालों की नियमित सफाई नहीं होने से उनमें कूड़ा-कचरा जमा हो गया है। बारिश के दौरान यही गंदगी सड़कों पर फैल जाती है, जिससे दुर्गंध के साथ-साथ बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि लगभग एक वर्ष से सफाई व्यवस्था पूरी तरह बदहाल बनी हुई है।
क्षेत्रवासियों ने नगर निगम से खुले नालों को जल्द ढकने, नियमित सफाई कराने और यातायात व्यवस्था सुधारने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो बरसात के दिनों में हालात और भी भयावह हो सकते हैं।