धर्मनगरी वृंदावन में पुरुषोत्तम मास के दौरान श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ रहा है, लेकिन आस्था के इस महापर्व में व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमराई नजर आ रही हैं। पंचकोसीय परिक्रमा के लिए देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु अव्यवस्थाओं के बीच जान जोखिम में डालकर परिक्रमा करने को मजबूर हैं।
परिक्रमा मार्ग पर प्रशासन द्वारा नो-एंट्री लागू होने के बावजूद भारी और बाहरी वाहन दिन-रात तेज रफ्तार से दौड़ रहे हैं। श्रद्धालुओं का आरोप है कि प्रशासन की लापरवाही के चलते हर समय हादसे का खतरा बना हुआ है। कई स्थानों पर दंडवत परिक्रमा कर रहे श्रद्धालुओं के बेहद करीब से वाहन गुजर रहे हैं, जिससे लोगों में डर और नाराजगी दोनों बढ़ रहे हैं।
इतना ही नहीं, नगर की संकरी कुंज गलियों में ई-रिक्शाओं का अनियंत्रित संचालन स्थिति को और बदतर बना रहा है। हर घंटे लगने वाले जाम के कारण श्रद्धालुओं, स्थानीय निवासियों और व्यापारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि पुरुषोत्तम मास में लाखों लोग वृंदावन पहुंचते हैं, लेकिन नगर निगम और स्थानीय प्रशासन की ओर से न तो भीड़ नियंत्रण की समुचित व्यवस्था दिखाई दे रही है और न ही यातायात प्रबंधन का कोई प्रभावी इंतजाम।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि परिक्रमा मार्ग को पूरी तरह वाहन मुक्त बनाया जाए, ई-रिक्शाओं पर नियंत्रण लगाया जाए और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं।