वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज ने स्वास्थ्य कारणों से अपनी पदयात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित करने के बाद भक्तों को एक भावुक संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि भक्त उनके स्वास्थ्य को लेकर अनावश्यक चिंता न करें और अपना मन ईश्वर की भक्ति में लगाएं।
महाराज ने अपने संदेश में जीवन की नश्वरता का उल्लेख करते हुए कहा कि जीवन और मृत्यु पूरी तरह ईश्वर के अधीन हैं, इसलिए किसी व्यक्ति विशेष को लेकर चिंता करने के बजाय आत्मिक उन्नति और भक्ति मार्ग पर ध्यान देना चाहिए। उनके इस संदेश ने भक्तों के बीच भावनात्मक माहौल बना दिया है।
पदयात्रा स्थगित होने के बाद से ही उनके अनुयायियों में चिंता का माहौल था, लेकिन इस संदेश के माध्यम से उन्होंने सभी को शांति बनाए रखने और सकारात्मक सोच रखने की अपील की है।
उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और बड़ी संख्या में लोग इसे साझा कर रहे हैं।