प्रदेश सरकार बाल मजदूरी को लेकर लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। इसी क्रम में मथुरा में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश के निर्देशन और सहायक श्रम आयुक्त एम.एल. पाल के नेतृत्व में बाल मजदूरी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से मजदूरी कराने वाले प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की जा रही है।
सोमवार को श्रम विभाग और चाइल्डलाइन की संयुक्त टीम ने वृंदावन क्षेत्र में चार अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी और चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान चार प्रतिष्ठानों से आठ बाल मजदूरों को मुक्त कराया गया।
सहायक श्रम आयुक्त एम.एल. पाल ने बताया कि अभियान के दौरान जिन प्रतिष्ठान स्वामियों के यहां बाल मजदूर पाए गए, उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बाल मजदूरी कराने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
अधिकारियों के अनुसार पिछले वर्ष भी 139 प्रतिष्ठानों की जांच की गई थी, जिसमें 170 बाल मजदूरों को मुक्त कराया गया था। इनमें 32 बच्चे खतरनाक श्रेणी और 138 बच्चे गैर-खतरनाक श्रेणी में पाए गए थे।
श्रम विभाग ने बताया कि 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से किसी भी प्रकार का कार्य कराना खतरनाक श्रेणी में आता है, जबकि 14 से 18 वर्ष तक के बच्चों को गैर-खतरनाक श्रेणी में रखा जाता है।
प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि कोई भी प्रतिष्ठान स्वामी बाल मजदूरी कराते हुए पकड़ा गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।