मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया गया है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की पूर्व मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ने चेतावनी दी है कि वैश्विक हालात बिगड़ने पर भारत में ईंधन की कीमतें और बढ़ सकती हैं।
उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का सीधा असर भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों पर पड़ेगा। इससे न केवल पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है, बल्कि महंगाई में तेजी और रुपये पर भी दबाव बढ़ सकता है।
गीता गोपीनाथ ने संकेत दिए हैं कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ा तो तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें तेजी से ऊपर जा सकती हैं। इसका असर भारत की अर्थव्यवस्था, आम जनता की जेब और परिवहन लागत पर दिखाई देगा।
बीते दिनों भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में दो बार बढ़ोतरी हो चुकी है। ऐसे में आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतें और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि तेल कीमतों में बढ़ोतरी से खाद्य पदार्थों समेत रोजमर्रा की वस्तुओं की महंगाई भी बढ़ सकती है।