बरसाना में अधिवक्ता एवं पेट्रोल पंप संचालक दिवाकर शर्मा के साथ हुई मारपीट और अपहरण की घटना को लेकर शुक्रवार को बरसाना सहित आसपास के कई गांवों की विशाल महापंचायत आयोजित की गई। भक्तमाल आश्रम के सामने वृषभान कुंड पर हुई इस पंचायत में बड़ी संख्या में ग्रामीण, प्रधान और समाज के गणमान्य लोग मौजूद रहे। पंचायत में वक्ताओं ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपित पूर्व चेयरमैन बलराज चौधरी के खिलाफ सख्त नाराजगी जताई।
महापंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि बलराज चौधरी का बरसाना सहित 12 गांवों में सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। इतना ही नहीं, पंचायत में यह भी घोषणा की गई कि जो व्यक्ति बलराज चौधरी से किसी प्रकार का संबंध रखेगा, उसका भी सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। पंचायत के इस फैसले के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
बताया गया कि रास्ते के विवाद को लेकर पूर्व चेयरमैन बलराज चौधरी पर आरोप है कि उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर अधिवक्ता दिवाकर शर्मा का अपहरण कराया और उन्हें बंधक बनाकर बुरी तरह पीटा। मामले में पुलिस ने बलराज चौधरी, उनके पुत्र गोपाल सहित 44 लोगों को डकैती, लूट, अपहरण, बलवा और जान से मारने के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं में जेल भेज दिया है।
महापंचायत में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्र में इस प्रकार की घटनाएं किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। पंचायत के दौरान कई लोगों ने आरोपित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। वहीं चेयरमैन प्रतिनिधि पदम फौजी ने ऐलान किया कि जेल से बाहर आने के बाद जो भी व्यक्ति बलराज चौधरी को जूतों की माला पहनाएगा, उसे ग्यारह हजार रुपये का नगद इनाम दिया जाएगा।
पंचायत में बरसाना के अलावा चिकसोली, रुपनगर, मानपुर, डभाला, रांकोली, नाहरा, हाथिया, कमई, करहला, श्रीनगर, पिसावा, मड़ोई, लौधौली, आजनोंक, संकेत, रिठौरा, ऊंचागांव और गाजीपुर समेत कई गांवों के लोग शामिल हुए। पंचायत के अंत में 31 सदस्यीय समिति का गठन किया गया। समिति की ओर से पूर्व वाइस चेयरमैन गोकुलेश कटारा एडवोकेट ने निर्णय सुनाते हुए कहा कि समाज विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों का गांव और समाज में कोई स्थान नहीं होगा।