वृंदावन के केशीघाट पर हुए दर्दनाक स्टीमर हादसे को चार घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन यमुना की लहरों के बीच अब भी जिंदगी और मौत की जंग जारी है। रेस्क्यू टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।
ताज़ा जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त स्टीमर यमुना की गहराई में रेती में बुरी तरह फंस गया है। आशंका जताई जा रही है कि स्टीमर के नीचे कुछ और श्रद्धालु दबे हो सकते हैं। मौके पर डीआईजी, डीएम और भारी पुलिस बल स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
बताया गया कि श्रृंगार घाट से करीब 30 श्रद्धालुओं को लेकर चली मोटर बोट अचानक असंतुलित होकर पलट गई। प्रत्यक्षदर्शी और पुल पर तैनात संविदा कर्मी भूप सिंह के अनुसार, हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
सूचना मिलते ही आगरा रेंज के डीआईजी शैलेश कुमार पांडे और जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह मौके पर पहुंचे और युद्ध स्तर पर बचाव कार्य शुरू कराया।
डीआईजी शैलेश पांडे ने बताया कि स्टीमर की लोकेशन पता लगाने के लिए गोताखोरों को ऑक्सीजन सिलेंडर और आधुनिक उपकरणों के साथ पानी में उतारा गया। स्टीमर का पता तो चल गया है, लेकिन नदी की तलहटी में जमी रेती रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा बन रही है। स्टीमर को बाहर निकालने के लिए क्रेन और अतिरिक्त मशीनों की मदद ली जा रही है।
अब तक इस हादसे में 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 12 घायलों को इलाज के लिए मांट सीएचसी भेजा गया है। 5 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में गोताखोरों की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही स्टीमर को बाहर निकाल लिया जाएगा और लापता लोगों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।