विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने हंता वायरस संक्रमण को लेकर दुनिया भर में सतर्कता बढ़ा दी है। 7 मई 2026 को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में WHO ने बताया कि अटलांटिक महासागर में मौजूद एमवी होंडियस क्रूज शिप पर हंता वायरस संक्रमण के अब तक 8 मामले सामने आए हैं, जिनमें 3 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से 5 संक्रमितों में एंडीज वायरस की पुष्टि हुई है, जो हंता वायरस की बेहद दुर्लभ और खतरनाक प्रजाति मानी जाती है।
WHO के अनुसार एंडीज वायरस सीमित स्तर पर इंसान से इंसान में फैलने की क्षमता रखता है, इसलिए स्वास्थ्य एजेंसियां मामले को गंभीरता से देख रही हैं। हालांकि संगठन ने फिलहाल इसे कोविड जैसी वैश्विक महामारी बनने की आशंका से इनकार किया है और आम लोगों के लिए खतरे का स्तर कम बताया है।
WHO प्रमुख टेड्रोस एडहानोम घेब्रेयसस ने कहा कि वायरस की इनक्यूबेशन अवधि लंबी होने के कारण आने वाले दिनों में और मामले सामने आ सकते हैं। WHO अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों के तहत कई देशों के साथ मिलकर स्थिति की निगरानी कर रहा है। संक्रमित मरीजों का इलाज, यात्रियों की सुरक्षा और संक्रमण को फैलने से रोकना फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
संगठन ने पांच देशों को डायग्नोस्टिक किट भी भेजी हैं ताकि संदिग्ध मामलों की जल्द जांच की जा सके।
विशेषज्ञों के मुताबिक हंता वायरस आमतौर पर संक्रमित चूहों के मूत्र, लार और मल के संपर्क में आने से फैलता है। इसके शुरुआती लक्षण सामान्य फ्लू जैसे होते हैं, जिनमें तेज बुखार, सिरदर्द, ठंड लगना और शरीर में दर्द शामिल है। गंभीर स्थिति में मरीज को सांस लेने में तकलीफ, सीने में जकड़न और फेफड़ों में पानी भरने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। संक्रमण का असर किडनी और शरीर के अन्य अंगों पर भी पड़ सकता है।