Please wait we are preparing awesome things...

Wednesday, 04 Nov 2026
ई-पेपर संस्करण
www.abhinews.co.in
उत्तर प्रदेश संस्करण
PAGE - 01
डिग्री के साथ हुनर भी जरूरी, तभी सॉफ्टवेयर जगत में बनेगी पहचान

राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (आरएटीएम) में बीसीए तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए ‘कक्षा से कोडबेस तक: उद्योग को वास्तव में क्या चाहिए और वहां तक कैसे पहुंचें’ विषय पर अतिथि व्याख्यान आयोजित किया गया। इसमें मोबिक्विक के वरिष्ठ सॉफ्टवेयर डेवलपर विभोर कुलश्रेष्ठ ने विद्यार्थियों को बताया कि सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री में सफल करियर बनाने के लिए केवल डिग्री नहीं, बल्कि व्यावहारिक कौशल, कोडिंग का नियमित अभ्यास और प्रोजेक्ट पर काम करने का अनुभव भी जरूरी है।

विभोर कुलश्रेष्ठ ने अपने व्यावसायिक अनुभव साझा करते हुए बताया कि कंपनियां नए स्नातकों का चयन करते समय किन तकनीकी और व्यावहारिक क्षमताओं को महत्व देती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोग्रामिंग की बुनियादी समझ मजबूत करने, लीटकोड जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर नियमित समस्या समाधान का अभ्यास करने और तकनीकी इंटरव्यू की तैयारी करने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थी गिटहब पर अपने प्रोजेक्ट और व्यवस्थित कोड प्रदर्शित कर अपनी तकनीकी दक्षता साबित कर सकते हैं। इसके साथ ही लिंक्डइन के माध्यम से उद्योग विशेषज्ञों से जुड़ना और रोजगार के अवसरों की जानकारी रखना भी उपयोगी है। उन्होंने इंटर्नशिप, प्रशिक्षण, व्यावहारिक परियोजनाओं और निरंतर स्व-अध्ययन को उद्योग के लिए तैयार होने का महत्वपूर्ण आधार बताया।

उन्होंने तकनीकी ज्ञान के साथ प्रभावी संवाद, टीम भावना और परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने की क्षमता को भी पेशेवर जीवन में सफलता के लिए आवश्यक बताया। प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने प्लेसमेंट, तकनीकी साक्षात्कार और सॉफ्टवेयर क्षेत्र में करियर की संभावनाओं से जुड़े सवाल पूछे।

संस्थान के चेयरमैन डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर और रोजगार योग्य बनाना है। तकनीकी कौशल, संचार क्षमता, टीम भावना और निरंतर सीखने की आदत उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव हैं।

आरएटीएम के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने कहा कि प्रतिस्पर्धी तकनीकी युग में विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम तक सीमित रहने के बजाय उद्योग की वास्तविक जरूरतों को समझना चाहिए। व्यावहारिक प्रशिक्षण, प्रोजेक्ट आधारित शिक्षा और उद्योग विशेषज्ञों का मार्गदर्शन उन्हें बेहतर रोजगार अवसरों के लिए तैयार करता है।

उन्होंने बताया कि अतिथि व्याख्यान का उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा में अर्जित सैद्धांतिक ज्ञान और सॉफ्टवेयर उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं के बीच संबंध समझाना था।

Previous News

राजीव एकेडमी में 300 विद्यार्थियों को मिले मुफ्त हेलमेट, सड़क सुरक्षा के नियमों की दी जानकारी

Next News

राजीव एकेडमी के MBA विद्यार्थियों को सिखाए वित्तीय प्रबंधन के गुर