मथुरा। कहते हैं कि बेटियां घर की रौनक होती हैं, लेकिन जब गरीब माता-पिता के सामने बेटी की शादी की जिम्मेदारी आती है, तो कई बार उन्हें अपनी पुश्तैनी जमीन और जीवनभर की जमा-पूंजी तक बेचने के लिए मजबूर होना पड़ता है। मथुरा से एक ऐसी ही भावुक कहानी सामने आई है, जहां एक मां अपनी बेटी की शादी के लिए जमीन बेचने की तैयारी कर रही थी। इसी बीच ब्रज के समाजसेवी तरुण शर्मा ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया और परिवार की पुश्तैनी जमीन बिकने से बचाने की पहल की।
जानकारी के अनुसार, एक वृद्ध मां अपनी पुश्तैनी जमीन के कागजात लेकर प्रॉपर्टी डीलरों के पास पहुंची थी। वह बेटी की शादी के लिए जमीन बेचने की तैयारी कर रही थी। जब समाजसेवी तरुण शर्मा को इसकी जानकारी मिली, तो उन्होंने परिवार की परिस्थिति को समझते हुए जमीन के कागजात मां को वापस कर दिए।
तरुण शर्मा ने बताया कि अब बेटी की शादी के लिए परिवार को अपनी पुश्तैनी जमीन बेचने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने संकल्प लिया है कि जनवरी माह में बेटी की शादी धूमधाम से कराई जाएगी। इसके लिए समाज के लोगों से मुट्ठी भर चावल और मात्र एक रुपये का कन्यादान लिया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य समाज के सहयोग से बेटी की शादी कराना और आर्थिक परेशानी से जूझ रहे परिवार को संबल देना है।
यह पहल सामाजिक सहयोग और मानवीय संवेदना की मिसाल पेश करती है। एक ओर जहां बेटी की शादी के लिए मां अपनी जमीन बेचने को मजबूर थी, वहीं दूसरी ओर समाज के सहयोग से अब उसकी पुश्तैनी संपत्ति बचाने और बेटी की शादी खुशी से संपन्न कराने का प्रयास किया जा रहा है।
तरुण शर्मा की इस पहल से यह संदेश मिलता है कि जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए समाज आगे आए, तो मुश्किल परिस्थितियों में भी खुशियों के रास्ते निकाले जा सकते हैं।