उत्तर प्रदेश के जालौन में जनशिकायतों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण के लिए पुलिस ने नई पहल की है। पुलिस अधीक्षक सुरेश चन्द्र रावत और अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी ने पुलिस कार्यालय में फीता काटकर 'भरोसा' सॉफ्टवेयर का शुभारंभ किया। इस नई व्यवस्था के तहत जनसुनवाई में आने वाले प्रत्येक आवेदक को शिकायत से संबंधित एक विशेष पर्ची दी जा रही है, जिसके माध्यम से शिकायत की जानकारी प्राप्त करना आसान होगा।
जालौन पुलिस द्वारा शुरू किए गए 'भरोसा' सॉफ्टवेयर का उद्देश्य जनशिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को व्यवस्थित, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। इस व्यवस्था के तहत पुलिस अधीक्षक कार्यालय, अन्य संबंधित कार्यालयों और सभी थानों में जनसुनवाई के दौरान आने वाले आवेदकों को शिकायत की पर्ची उपलब्ध कराई जा रही है।
इस पर्ची को 'भरोसा पर्ची' नाम दिया गया है। इसमें शिकायतकर्ता का नाम, पता, फोटो और समस्या का विवरण दर्ज किया जाता है। इसके साथ ही 10 अंकों का एक विशेष शिकायत नंबर भी दिया जाता है। इस नंबर के शुरुआती छह अंक आवेदन की तारीख और अंतिम चार अंक आवेदन क्रमांक को दर्शाते हैं।
इस व्यवस्था की खास बात यह है कि शिकायतकर्ता अपने शिकायत नंबर, नाम अथवा मोबाइल नंबर के माध्यम से अपनी शिकायत से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकता है। वहीं, सॉफ्टवेयर और उससे जुड़े पोर्टल की मदद से जनसुनवाई की प्रक्रिया और शिकायतों के निस्तारण की प्रभावी मॉनिटरिंग भी की जा रही है।
पुलिस की इस पहल से शिकायतों का रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने, आवेदकों की समस्याओं पर नजर बनाए रखने और निस्तारण की प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
जालौन पुलिस की 'भरोसा' पहल का उद्देश्य आमजन की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनके त्वरित निस्तारण की व्यवस्था को मजबूत करना है। अब देखना होगा कि यह नई व्यवस्था जनशिकायतों के समाधान को कितना अधिक प्रभावी और पारदर्शी बना पाती है।