मथुरा। मथुरा में सात साल पुराने हत्या और साक्ष्य मिटाने के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। एडीजे-5 स्पेशल गैंगस्टर एक्ट कोर्ट ने मामले में तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 12-12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
यह पूरा मामला वर्ष 2017 का है। मथुरा कोतवाली क्षेत्र में दर्ज मुकदमे के अनुसार, आरोपियों ने किशन टीला निवासी एक व्यक्ति को कथित तौर पर बहला-फुसलाकर घर से बुलाया था। इसके बाद उसकी हत्या कर दी गई और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को जला दिया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से की गई पैरवी और अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर विक्की उर्फ मुन्नी, गोपाल चतुर्वेदी और बाबू सैनी उर्फ जयप्रकाश को दोषी ठहराया गया। अदालत ने तीनों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए प्रत्येक पर 12 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
सात साल पुराने इस मामले में अदालत का फैसला आने के बाद इसे न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस फैसले को अपराध के मामलों में प्रभावी विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया के महत्व के रूप में भी देखा जा रहा है।