Please wait we are preparing awesome things...

Saturday, 24 Oct 2026
ई-पेपर संस्करण
www.abhinews.co.in
उत्तर प्रदेश संस्करण
PAGE - 01
फरीदाबाद में B.Tech छात्रा पर जर्मन शेफर्ड का हमला, CCTV में कैद हुई खौफनाक घटना

हरियाणा के फरीदाबाद से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां सेक्टर-37 के अशोका एन्क्लेव पार्ट-2 में सुबह अपने पालतू कुत्ते को घुमाने निकली एक बीटेक छात्रा पर पड़ोसी के जर्मन शेफर्ड ने हमला कर दिया। हमले में छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने कुत्ते के मालिक और उनकी पत्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

सीसीटीवी में कैद इन तस्वीरों को देखिए। छात्रा अपने छोटे पोमेरियन कुत्ते को लेकर बाहर निकली थी, तभी अचानक दौड़ता हुआ जर्मन शेफर्ड उसके पास पहुंच गया। कुत्ते से बचने के लिए छात्रा ने अपने पालतू कुत्ते को गोद में उठा लिया, लेकिन जर्मन शेफर्ड ने उस पर हमला कर दिया। कुत्ते ने छात्रा की दाईं बाजू और कमर पर काट लिया। छात्रा दर्द से चीखती रही। आरोप है कि कुछ देर बाद कुत्ते की मालकिन मौके पर पहुंची और उसे काबू में किया।

घायल छात्रा सृष्टि शर्मा को तुरंत अमृता अस्पताल ले जाया गया। उपचार और एंटी-रेबीज टीका लगाए जाने के बाद उसे छुट्टी दे दी गई। पीड़िता की शिकायत पर सराय ख्वाजा थाना पुलिस ने कुत्ते के मालिक सिकंदर शर्मा और उनकी पत्नी सुषमा शर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस की धारा 291 और 125(a) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

इस घटना के बाद पीड़िता की मां पूनम शर्मा ने इसे बेहद डरावना और झकझोर देने वाला अनुभव बताया है। उनका आरोप है कि कुत्ते के मालिक की लापरवाही के कारण उनकी बेटी पर हमला हुआ। पूनम शर्मा के मुताबिक, घर का गेट खुला था और सीसीटीवी कैमरे भी चालू स्थिति में नहीं थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घर में पाले गए जर्मन शेफर्ड के लिए जरूरी लाइसेंस नहीं था। पीड़ित परिवार ने मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

वहीं, छात्रा के पिता संजय शर्मा ने आरोप लगाया कि हमले में उनकी बेटी के शरीर पर कई जगह घाव आए और उसे टांके भी लगाने पड़े। उनका कहना है कि चेतावनी दिए जाने के बावजूद कुत्ते को नियंत्रित रखने के लिए उचित कदम नहीं उठाए गए। इसके बाद परिवार को पुलिस में शिकायत दर्ज करानी पड़ी।

इस घटना ने एक बार फिर पालतू कुत्तों की सुरक्षा, सार्वजनिक स्थानों पर उनकी निगरानी और पशुपालकों की जिम्मेदारी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर क्या कार्रवाई की जाती है।

Previous News

मथुरा में नशे की लत से जूझ रहे लोगों के लिए उम्मीद की नई किरण, जीवन ज्योति नशा मुक्ति केंद्र कर रहा मदद

Next News

क्षेत्राधिकारी छाता ने किया कोसीकलां थाने का वार्षिक निरीक्षण, अधूरे रजिस्टर तत्काल पूरे करने के निर्देश