बच्चों से मजदूरी कराने वालों के खिलाफ श्रम विभाग ने सख्ती तेज कर दी है। प्रतिष्ठानों में बच्चों से काम कराने वाले संचालकों के साथ-साथ शादी-विवाह समारोहों में छोटे बच्चों से मजदूरी कराने वाले ठेकेदार भी विभाग के निशाने पर हैं। श्रम विभाग समय-समय पर अभियान चलाकर बाल श्रमिकों को चिह्नित कर रहा है और नियमों का उल्लंघन करने वालों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बाल मजदूरी के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बाल मजदूरी पर अंकुश लगाने के लिए श्रम विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। सहायक श्रम आयुक्त राजकुमार ने बताया कि अप्रैल महीने से अब तक दर्जनों बाल श्रमिकों को चिह्नित किया जा चुका है। जिन प्रतिष्ठानों पर बच्चों से मजदूरी कराए जाने के मामले सामने आए हैं, उनके स्वामियों को नोटिस जारी किए गए हैं।
विभाग की नजर अब शादी-विवाह के आयोजनों पर भी है। शादी समारोहों में बैंड-बाजे के साथ लाइट उठाने, सामान ढोने और अन्य कामों में बच्चों को लगाए जाने के मामलों को लेकर अधिकारियों ने सख्त रुख अपनाया है। ऐसे मामलों में बच्चों से काम कराने वाले ठेकेदारों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
श्रम विभाग का कहना है कि बच्चों का स्थान काम करने की जगह स्कूल और सुरक्षित वातावरण में है। बाल मजदूरी न केवल उनके बचपन को प्रभावित करती है, बल्कि उनकी शिक्षा और भविष्य पर भी प्रतिकूल असर डालती है।
विभाग की इस कार्रवाई से बाल मजदूरी कराने वाले प्रतिष्ठान संचालकों और ठेकेदारों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। अब अभियान के जरिए ऐसे मामलों की पहचान कर बच्चों को मजदूरी से मुक्त कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने पर जोर दिया जा रहा है।