मथुरा। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मिशन शक्ति फेज-6.0 के अंतर्गत महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा के निर्देशन में थाना राया की मिशन शक्ति पुलिस टीम ने महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा उपायों, सरकारी हेल्पलाइन नंबरों और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।
छेड़खानी होने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील
जागरूकता अभियान के दौरान पुलिस टीम ने महिलाओं एवं बालिकाओं को बताया कि बस, रास्ते या किसी सार्वजनिक स्थान पर मनचलों द्वारा छेड़खानी किए जाने पर डरने के बजाय तत्काल पुलिस से संपर्क करें। उन्हें महिला सुरक्षा हेल्पलाइन 1090 और थाने में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई।
इसके साथ ही व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करने की सलाह दी गई। पुलिस टीम ने महिलाओं और छात्राओं को यातायात नियमों की जानकारी देते हुए स्वयं नियमों का पालन करने और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित किया।
महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी
मिशन शक्ति टीम ने महिला सुरक्षा और आपातकालीन सहायता के लिए विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। इनमें मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, वीमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्पलाइन 181, पुलिस आपातकालीन सेवा 112, एम्बुलेंस सेवा 102 और 108, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, अग्निशमन सेवा 101 तथा साइबर हेल्पलाइन 1930 शामिल हैं।
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की जानकारी
अभियान के दौरान छात्राओं को मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के बारे में भी विस्तार से बताया गया। पुलिस टीम ने जानकारी दी कि इस योजना के तहत संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC), NEET, JEE, NDA और CDS सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन एवं ऑफलाइन प्रशिक्षण तथा विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है।
इस योजना का उद्देश्य प्रतिभाशाली और जरूरतमंद अभ्यर्थियों को निःशुल्क कोचिंग एवं उचित मार्गदर्शन प्रदान करना है, ताकि आर्थिक संसाधनों की कमी किसी भी विद्यार्थी की सफलता में बाधा न बने।
मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत थाना राया पुलिस द्वारा चलाए गए इस जागरूकता अभियान का उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा के उपायों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक कर उन्हें आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाना है।