करवाचौथ और दीपावली के त्योहारों पर बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। इसी बीच मथुरा में स्वदेशी हस्तनिर्मित उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष मेले का आयोजन किया गया। सरस्वती कुंड स्थित मसानी रोड के नेशनल चैंबर में माधवी एग्जीबिशन की ओर से आयोजित इस मेले में आकर्षक सजावटी सामान, पूजा की थालियां, डिजाइनर कैंडल्स, खूबसूरत दीये और अन्य हस्तनिर्मित वस्तुएं लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। मेले में शहरवासियों ने उत्साह के साथ खरीदारी की और महिला उद्यमियों की कला को सराहा।
मथुरा के नेशनल चैंबर में आयोजित माधवी एग्जीबिशन का शुभारंभ मुख्य अतिथि नवजात शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रितेन गोयल और दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा गर्ग ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। अतिथियों ने मेले में लगे विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया और हस्तनिर्मित उत्पादों को बढ़ावा देने की पहल की सराहना की।
एग्जीबिशन में खरीदारी करने पहुंचीं डॉ. आयुषी अग्रवाल ने बताया कि यहां एक ही छत के नीचे सजावटी सामान, पूजा की थालियां, कपड़े और अनेक कलात्मक वस्तुएं उपलब्ध हैं। इन उत्पादों को भारतीय महिलाओं ने अपनी मेहनत और रचनात्मकता से तैयार किया है। उन्होंने कहा कि हस्तनिर्मित वस्तुओं की सुंदरता और कलात्मकता त्योहारों की सजावट को खास बना सकती है।
वहीं, ब्लूम स्टूडियो की संचालिका सिया अग्रवाल ने बताया कि त्योहारों को खास बनाने के लिए उन्होंने हैंडमेड बुके, डिजाइनर कैंडल्स और खूबसूरत दीये तैयार किए हैं। उनका उद्देश्य आकर्षक और पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों के माध्यम से लोगों को कुछ नया उपलब्ध कराना है। उन्होंने खुशी जताई कि लोगों को उनके हस्तनिर्मित उत्पाद पसंद आ रहे हैं।
मेले की आयोजिका कल्पना आढ़तिया और महिमा अग्रवाल ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य घरों में रहकर हस्तनिर्मित वस्तुएं तैयार करने वाली महिलाओं को बेहतर मंच उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की मेहनत और हुनर को बाजार मिलने से उन्हें आर्थिक रूप से आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। साथ ही, युवा पीढ़ी को भी स्वदेशी हस्तशिल्प और भारतीय कारीगरों द्वारा तैयार उत्पादों को प्रोत्साहित करना चाहिए।
आयोजिकाओं ने कहा कि ऐसे आयोजनों से स्थानीय कलाकारों और महिला उद्यमियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है। साथ ही, लोगों को त्योहारों की खरीदारी के लिए नए और रचनात्मक विकल्प भी उपलब्ध होते हैं।
अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। माधवी एग्जीबिशन में हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी ने त्योहारों की रौनक बढ़ाने के साथ स्वदेशी कला और महिला सशक्तीकरण का संदेश भी दिया।