वृंदावन, मथुरा। अग्रकुल प्रवर्तक महाराजा अग्रसेन की 5150वीं जयंती के अवसर पर सोमवार की शाम धर्मनगरी वृंदावन में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में अग्रवाल समाज के लोगों ने उत्साह और श्रद्धा के साथ भाग लिया। नगरवासियों एवं अग्रबंधुओं ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया और महाराजा अग्रसेन की आरती उतारकर उनका वंदन किया। महाराजा अग्रसेन के जयकारों से संपूर्ण धर्मनगरी गूंज उठी।
शोभायात्रा शाम करीब पांच बजे गोपीनाथ बाजार से प्रारंभ हुई। शोभायात्रा में सबसे आगे भगवान गणेश का डोला, मां कैलादेवी, कुलदेवी मां महालक्ष्मी और राधा-कृष्ण की आकर्षक झांकियां शामिल रहीं। अग्र समाज की बालिकाओं ने मनमोहक डांडिया नृत्य प्रस्तुत किया। वहीं, घोड़ों पर सवार 18 राजकुमार शोभायात्रा की शोभा बढ़ाते नजर आए। इनके पीछे महाराजा अग्रसेन की पत्नी नागकन्या माध्वी जी और महाराजा अग्रसेन का डोला चल रहा था।
शोभायात्रा के दौरान अग्रबंधुओं ने महाराजा अग्रसेन के प्रति श्रद्धा प्रकट करते हुए माल्यार्पण किया और जगह-जगह आरती उतारी। अंतरराज्यीय ब्रास बैंड, नफीरी और बैंडबाजों की धुनों ने आयोजन को और आकर्षक बना दिया। बैंडबाजों की धुन पर अग्रबंधु नाचते-गाते और महाराजा अग्रसेन के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े।
शोभायात्रा गोपीनाथ बाजार से प्रारंभ होकर रंगजी मंदिर मार्केट, नगर निगम चौराहा, अनाज मंडी, पुराना बजाना, भट्टर भवन, सीएफसी चौराहा, प्रताप बाजार, रेतिया बाजार, लोई बाजार, बनखंडी महादेव, अठखंभा और बांकेबिहारी मंदिर मार्ग से होती हुई मोर भवन पर संपन्न हुई। पूरे मार्ग में नगरवासियों ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया।
महाराजा अग्रसेन जयंती के इस आयोजन ने अग्रवाल समाज की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक एकता को प्रदर्शित किया। शोभायात्रा में उमड़ा उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखते ही बन रहा था।