उत्तराखंड के गौचर स्थित निर्माणाधीन रेलवे टनल में मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को संभावित दुर्घटना की स्थिति से निपटने के लिए आपातकालीन मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इस मॉकड्रिल का मुख्य उद्देश्य टनल के भीतर किसी भी आकस्मिक हादसे के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों को तेजी से संचालित करना और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना रहा।
मॉकड्रिल में कोतवाली कर्णप्रयाग पुलिस, स्थानीय प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा मेघा कंपनी के कर्मचारियों ने भाग लिया। संयुक्त अभ्यास के दौरान संभावित आपातकालीन परिस्थितियों में राहत-बचाव अभियान चलाने, घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया, विभागीय जिम्मेदारियों और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था का अभ्यास किया गया।
अभ्यास के दौरान संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार सुरक्षा नियमों का पालन करने, आपसी समन्वय बनाए रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में बिना देरी प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
निर्माणाधीन रेलवे टनल जैसी संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए इस तरह की मॉकड्रिल महत्वपूर्ण मानी जाती है। इससे संबंधित विभागों को संभावित दुर्घटनाओं के दौरान अपनी जिम्मेदारियों को समझने, संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और समन्वित तरीके से राहत-बचाव अभियान चलाने का अभ्यास मिलता है।
इस संयुक्त अभ्यास के माध्यम से पुलिस, प्रशासन, आपदा प्रबंधन टीमों और अन्य संबंधित विभागों को सतर्कता, सुरक्षा प्रोटोकॉल तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रशिक्षित किया गया।