मथुरा के जमुनापार थाना पुलिस ने फर्जी CBI अधिकारी बनकर लोगों को धमकाने और चौथ वसूली करने के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने एक व्यक्ति को आजीवन कारावास के झूठे केस में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी और उससे 40 हजार रुपये वसूल लिए। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से फर्जी आईकार्ड, विजिटिंग कार्ड और घटना में इस्तेमाल की गई दो कारें बरामद की हैं।
पुलिस के मुताबिक, 9 अक्टूबर 2026 को पीड़ित ने थाना जमुनापार में लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कुछ लोगों ने साजिश के तहत खुद को CBI अधिकारी बताकर उसके साथ गाली-गलौज की और आजीवन कारावास के झूठे मुकदमे में जेल भिजवाने की धमकी देकर डराया। इसके बाद आरोपियों ने उससे 40 हजार रुपये की चौथ वसूली।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा संख्या 397/2026 दर्ज कर जांच शुरू की। मामले में धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और अन्य संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, 10 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 3:26 बजे सिहोरा-लोहवन चौराहा रोड पर कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सूरज कुमार, कुलदीप यादव, करन राणा, सोनू, कुणाल और रवि के रूप में हुई है। आरोपी बिहार, गाजियाबाद, गुरुग्राम, दिल्ली और मथुरा के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
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क्राइम ब्यूरो इन्वेस्टिगेशन के दो कथित फर्जी आईकार्ड।
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K.D. YADAV के नाम से 11 विजिटिंग कार्ड।
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तीन एटीएम कार्ड और एक पैन कार्ड।
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क्राइम इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो का स्टिकर लगी एक बलेनो कार, नंबर UP14 EJ 5320।
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घटना में इस्तेमाल की गई एक वैगनआर कार, नंबर UP85 CM 1466।
पुलिस के अनुसार, आरोपी सूरज कुमार के खिलाफ गाजियाबाद के कविनगर थाने में वर्ष 2025 में भी एक मुकदमा दर्ज है। अन्य पांच आरोपियों का आपराधिक इतिहास फिलहाल इस मामले में दर्ज मुकदमे से संबंधित बताया गया है।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक विदेश कुमार, वरिष्ठ उपनिरीक्षक नरेंद्र सिंह, उपनिरीक्षक अनिल कुमार, उपनिरीक्षक शैलेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल जयवीर सिंह और कांस्टेबल संपूर्ण सिंह व लाल सिंह शामिल रहे।
पुलिस ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।