गोपेश्वर में नशे और अराजक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने निगरानी और गश्त तेज कर दी है। नगर की गलियों से लेकर सुनसान रास्तों तक पुलिस टीमें सक्रिय हैं, वहीं ड्रोन के जरिए भी संवेदनशील स्थानों पर नजर रखी जा रही है। युवाओं को नशे से दूर रखने और शहर की कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह विशेष अभियान चलाया गया।
आमजन और व्यापार मंडल के साथ हुई बैठक में सामने आई समस्याओं और सुझावों के बाद थानाध्यक्ष गोपेश्वर नवनीत भंडारी के नेतृत्व में सायंकालीन पैदल गश्त अभियान चलाया गया। इसके तहत नगर को अलग-अलग क्षेत्रों में बांटकर पुलिस टीमें तैनात की गईं। प्रमुख चौराहों, संकरी गलियों, सुनसान रास्तों, स्कूल-कॉलेजों के आसपास और सार्वजनिक स्थलों पर गश्त कर संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी की गई।
पुलिस ने संदिग्ध परिस्थितियों में एकत्र मिले युवाओं से पूछताछ कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सार्वजनिक स्थानों पर नशा करने, हुड़दंग मचाने और महिलाओं एवं छात्राओं पर फब्तियां कसने जैसी गतिविधियों के प्रति चेतावनी दी गई। साथ ही युवाओं की काउंसलिंग कर उन्हें नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया गया और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया।
अभियान के दौरान नशे से संबंधित सामग्री बेचने वाली दुकानों की भी जांच की गई। प्रतिबंधित सामग्री की बिक्री पर निगरानी रखने के साथ युवाओं के वाहनों की चेकिंग भी की गई। पुलिस का विशेष फोकस जेन-जी यानी नई पीढ़ी को नशे से दूर रखने और सुरक्षित भविष्य के प्रति जागरूक करने पर रहा।
गोपेश्वर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नगर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गश्त और निगरानी जारी रहेगी। नशाखोरी, महिलाओं से अभद्रता और सार्वजनिक स्थानों पर अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।