मथुरा। ब्रज के प्रसिद्ध संत एवं पद्मश्री से सम्मानित रमेश बाबा का मंगलवार को गोलोकवास हो गया। उन्होंने 90 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। उनके गोलोकवास की खबर से संत समाज, श्रद्धालुओं और अनुयायियों में शोक की लहर दौड़ गई।
रमेश बाबा बरसाना के गहवर वन स्थित मान मंदिर में निवास करते थे। उनका पूरा जीवन ब्रजभूमि की सेवा, गौसेवा और राधा-कृष्ण भक्ति को समर्पित रहा। ब्रज संरक्षण और गौसेवा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें देश-विदेश में विशेष पहचान मिली।
रमेश बाबा विशाल गौशाला के संचालन से भी जुड़े रहे, जिसे दुनिया की बड़ी गौशालाओं में शामिल किया जाता है। गौसेवा और ब्रज की संस्कृति के संरक्षण के लिए उनके प्रयासों को व्यापक रूप से सराहा गया।
रमेश बाबा के दर्शन और आशीर्वाद के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु मान मंदिर पहुंचते थे। उनके गोलोकवास की सूचना मिलते ही बरसाना और मान मंदिर क्षेत्र में श्रद्धालुओं एवं संतों का पहुंचना शुरू हो गया। उनके निधन से ब्रज ने एक ऐसे संत को खो दिया, जिन्होंने अपना पूरा जीवन राधारानी की भक्ति और ब्रज सेवा में समर्पित कर दिया।