यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आगरा मंडल के सभी रेलवे स्टेशनों पर पेयजल गुणवत्ता की नियमित जांच के साथ विशेष सफाई एवं कीटाणुशोधन अभियान चलाया जा रहा है।
इस अभियान के तहत रेलवे स्टेशनों पर लगे पेयजल बूथ, वाटर कूलर, आरओ सिस्टम और पानी की टंकियों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है।
इसी क्रम में मथुरा जंक्शन पर पेयजल आपूर्ति व्यवस्था का विस्तृत निरीक्षण किया गया। स्टेशन, प्लेटफॉर्म और रेलवे कॉलोनी के विभिन्न स्थानों से अवशेष क्लोरीन की जांच की गई। साथ ही जीवाणु परीक्षण के लिए पेयजल के नमूने भी संकलित किए गए।
निरीक्षण के दौरान पंप हाउस में स्थापित क्लोरीनेटरों की कार्यप्रणाली भी जांची गई।
रेलवे के मुताबिक, आगरा मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर हर महीने और अन्य स्टेशनों पर प्रत्येक छह माह में पेयजल का बैक्टीरियोलॉजिकल परीक्षण कराया जा रहा है।
इसके अलावा 20 अगस्त 2026 से चल रहे विशेष सफाई एवं कीटाणुशोधन अभियान के तहत ओवरहेड, भूमिगत और पीवीसी पानी की टंकियों की नियमित सफाई एवं कीटाणुशोधन भी कराया जा रहा है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान जल गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर संबंधित विभागों के माध्यम से तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
इस अभियान का उद्देश्य यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना है।