गोवर्धन (मथुरा): अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर गोवर्धन नगरी में गिरिराज महाराज का भव्य महाभिषेक और अलौकिक छप्पन भोग का आयोजन किया गया। इस दौरान गिरि तलहटी जयकारों, ढोल-नगाड़ों, मृदंग और शहनाई की मधुर ध्वनि से गुंजायमान हो उठी। प्रभु के अलौकिक दर्शन पाने के लिए हजारों श्रद्धालु उमड़ पड़े।
कार्यक्रम के तहत शाम 4 बजे कामधेनु गाय के दूध, दुर्लभ जड़ी-बूटियों एवं पंच पात्र द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रभु का पंचरत्नम महाभिषेक हुआ। इसके बाद गिरिराज जी का सप्तरत्नों—हीरे, मोती, पन्ना, पुखराज, नीलम और गोमेद से अद्भुत श्रृंगार किया गया। प्रभु चांदी के कमल पुष्प पर शेषनाग के फन पर विराजमान हुए और उन्हें हीरा जड़ित बांसुरी व मोरपंखी धारण कराई गई।
आयोजन में प्रभु को सोने-चांदी के वर्क से सजे व्यंजनों का अलौकिक छप्पन भोग समर्पित किया गया, जिसमें कामधेनु गाय के दूध से बना लगभग 21 हजार किलोग्राम महाप्रसाद शामिल रहा।
इस अवसर पर समिति के संस्थापक मुरारी अग्रवाल ने संस्कृति विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी व वरिष्ठ पत्रकार किशन चतुर्वेदी और उनकी धर्मपत्नी का पटुका पहनाकर स्वागत किया। इसके अलावा संरक्षक राजेन्द्र कुमार सर्राफ, महामंत्री अशोक कुमार, दिनेश सादाबाद, कोषाध्यक्ष भगवान दास खंण्डेलवाल, देवेश सरन सर्राफ, नीरज गोयल, मुख्य संयोजक राघवेन्द्र गर्ग एवं शंकर सुरेखा आदि पदाधिकारियों ने श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया।