छाता शुगर मिल आंदोलन अब एक नए विवाद में घिर गया है। अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ ने धरना मंच से वाल्मीकि समाज के खिलाफ कथित जातिसूचक टिप्पणी का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दी है। संगठन ने कार्रवाई नहीं होने पर अनिश्चितकालीन सफाई कार्य बहिष्कार और आंदोलन की चेतावनी दी है।
कोसीकलां/मथुरा। छाता शुगर मिल को दोबारा चालू कराने की मांग को लेकर चल रहे किसान धरने के दौरान वाल्मीकि समाज के प्रति कथित अभद्र एवं आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गिर्राज वाल्मीकि ने थाना छाता में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, 20 सितंबर को सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ वीडियो में धरना मंच से कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण पर आपत्तिजनक टिप्पणी के साथ-साथ वाल्मीकि समाज के प्रति कथित जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया। शिकायतकर्ता ने इन वीडियो को पुलिस के समक्ष साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करने की बात कही है।
तहरीर में रिटायर्ड सूबेदार ललित तालन, पूर्व प्रधान जबर सिंह, दिगंबर चौधरी, एक महिला तथा धरने में शामिल अन्य अज्ञात महिला-पुरुषों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस कथित टिप्पणी से समाज की भावनाएं आहत हुई हैं और लोगों में भारी रोष है।
अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो 22 सितंबर 2026 से मथुरा जनपद में अनिश्चितकालीन सफाई कार्य का बहिष्कार किया जाएगा। संगठन ने इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन पर बताई है।
गिर्राज वाल्मीकि ने यह भी कहा है कि यदि निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो वह जिलाधिकारी कार्यालय पर ज्वलनशील पदार्थ लेकर आत्मदाह का प्रयास करेंगे। साथ ही वाल्मीकि समाज द्वारा प्रदेश स्तर पर आंदोलन करने की भी चेतावनी दी गई है।
फिलहाल पुलिस-प्रशासन की ओर से शिकायत पर कोई आधिकारिक बयान या दर्ज की गई कार्रवाई की पुष्टि सामने नहीं आई है। आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।