वृंदावन के चीरघाट पर ई-रिक्शा हटाने को लेकर हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। मारपीट के मामले में पुलिस ने एक पक्ष के 6 नामजद समेत 10 से 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। वहीं घायल ई-रिक्शा चालक की मां ने नाविकों पर हमला, धमकी और एकपक्षीय कार्रवाई के गंभीर आरोप लगाए हैं।
यमुना नदी के चीरघाट पर सवारियों को लेकर हुए विवाद के बाद घायल ई-रिक्शा चालक लेखराज निषाद की मां मुन्नी देवी निषाद ने बताया कि नाविक जबरन उनकी सवारियों को रिक्शे से उतारकर नाव में बैठा रहे थे। विरोध करने पर उनके बेटे और परिवार के लोगों के साथ मारपीट की गई।
मुन्नी देवी का आरोप है कि बीच-बचाव करने पहुंचे प्रांशु ठाकुर नामक युवक पर भी पीछे से नुकीले हथियार से हमला किया गया, जिससे वह घायल हो गया। उनका कहना है कि कुछ लोग इस पूरे मामले को जातीय रंग देने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि विवाद की वजह सवारियों को लेकर हुआ झगड़ा था।
पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद लगातार उनके बच्चों को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। साथ ही उन्होंने पुलिस पर एकपक्षीय कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।