वृंदावन: ठाकुर बांके बिहारी मंदिर की हाई पावर्ड प्रबंधन समिति की बैठक में व्यवस्थाओं और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर तीखी बहस देखने को मिली। बैठक में गोस्वामी समाज ने मंदिर प्रबंधन से चढ़ावे, भुगतान और प्रशासनिक निर्णयों में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
बैठक के दौरान यह मुद्दा उठा कि कुछ श्रद्धालु पन्नी के माध्यम से सीधे दानपात्र में चढ़ावा डाल रहे हैं। इसे मंदिर की परंपरा और प्रतिष्ठा के प्रतिकूल बताते हुए समिति ने ऐसी व्यवस्था पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए।
सफाई व्यवस्था को लेकर भी बड़ा निर्णय लिया गया। सफाई कर्मचारियों के वेतन में देरी के लिए जिम्मेदार बिना जीएसटी पंजीकरण वाली पुरानी एजेंसी को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। समिति ने नई एजेंसी के साथ शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने के लिए नया एमओयू तैयार करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया।
बैठक में मंदिर परिसर में फूल फेंकने की बजाय उन्हें डलियों में एकत्र करने की व्यवस्था, एक मीडिया एजेंसी को 98 लाख रुपये के भुगतान तथा पुराने कार्यालय उपलब्ध न कराए जाने जैसे मुद्दों पर भी गंभीर सवाल उठाए गए। गोस्वामी समाज के प्रतिनिधियों ने बैठक की रिकॉर्डिंग और कार्यवृत्त (मिनट्स) सार्वजनिक करने की मांग करते हुए कहा कि सभी निर्णय पूरी पारदर्शिता के साथ होने चाहिए।