वृंदावन के प्रसिद्ध श्री रंगनाथ मंदिर में नंदोत्सव के अवसर पर आयोजित ऐतिहासिक लट्ठे का मेला श्रद्धा और रोमांच का केंद्र बना। करीब 50 फीट ऊंचे चिकने लट्ठे पर चढ़ने के लिए पहलवानों ने दमखम दिखाया, जिसे देखने हजारों श्रद्धालु उमड़ पड़े
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के बाद शनिवार को रंगनाथ मंदिर में परंपरागत नंदोत्सव मनाया गया। ठाकुर रंगनाथ भगवान की शोभायात्रा के बाद अंतर्यामी अखाड़े के पहलवानों ने भगवान का आशीर्वाद लेकर ऐतिहासिक लट्ठे पर चढ़ने की शुरुआत की।
करीब 50 फीट ऊंचे तेल और विशेष मिश्रण से चिकने किए गए खंभे पर पहलवान एक-दूसरे के कंधों पर चढ़कर मचान तक पहुंचने का प्रयास करते रहे। इस दौरान मंदिर सेवकों ने ऊपर से तेल मिश्रित पानी की बौछार कर चुनौती को और कठिन बना दिया, लेकिन करीब 40 मिनट की मशक्कत के बाद पहलवान विजय पताका तक पहुंचने में सफल रहे।
मंदिर परिसर में ‘जय श्री रंगनाथ’ और ‘जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष गूंजते रहे। हजारों श्रद्धालुओं ने इस अनोखी परंपरा का भरपूर आनंद लिया। अंत में मंदिर प्रबंधन ने विजयी पहलवानों को नारियल, विजय पताका और उत्तरीय भेंट कर सम्मानित किया।