बुधवार को हुई मात्र एक घंटे की झमाझम बारिश ने वृंदावन नगर निगम के विकास दावों की धज्जियां उड़ा दीं। बारिश जहां उमस भरी गर्मी से राहत लेकर आई, वहीं इसने धार्मिक नगरी के मुख्य इलाकों को जलमग्न कर दिया।
रंगजी मंदिर मार्ग, गोपीनाथ बाजार, सीएफसी चौराहा और मोतीझील जैसे प्रमुख क्षेत्रों में घुटने तक पानी भर जाने से स्थानीय दुकानदारों और श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
व्यापारियों का कहना है कि जलभराव के कारण ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे उनका कारोबार पूरी तरह ठप हो गया है। स्थानीय निवासी लक्ष्मण गौड़ और अनुज गौतम ने व्यवस्था पर आक्रोश जताते हुए नगर निगम को नरक निगम की संज्ञा दी।
उन्होंने आरोप लगाया कि खुले पड़े विद्युत पैनल बॉक्स और जलभराव से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।यह स्थिति तब है जब सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर मथुरा-वृंदावन आ रहे हैं। ऐसे में प्रशासनिक लापरवाही और बदहाल जल निकासी व्यवस्था ने त्योहार के सीजन में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।