धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी वृंदावन को मथुरा-वृंदावन नगर निगम से अलग कर स्वतंत्र नगर पालिका परिषद बनाए जाने की मांग जिलाधिकारी मथुरा के माध्यम से मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव, नगर विकास विभाग को भेजी गई है। मांगकर्ताओं का कहना है कि वृंदावन की धार्मिक पहचान और बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए अलग प्रशासनिक व्यवस्था समय की आवश्यकता है।
वर्ष 2017 में वृंदावन नगर पालिका का मथुरा नगर पालिका के साथ विलय कर मथुरा-वृंदावन नगर निगम का गठन किया गया था। लेकिन कोविड-19 के बाद वृंदावन में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है, जिससे यातायात जाम, सफाई, पार्किंग और शहरी व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि वृंदावन की विशिष्ट धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इसे पुनः स्वतंत्र नगर पालिका परिषद का दर्जा दिया जाए, ताकि स्थानीय समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके और श्रद्धालुओं को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।