भदोही (उत्तर प्रदेश): देशभर में अपनी हस्तनिर्मित कालीनों के लिए मशहूर भदोही को एक बार फिर नई पहचान मिल रही है। उत्तर प्रदेश सरकार की एक जिला एक उत्पाद (ODOP) योजना के तहत कालीन उद्योग को नया प्रोत्साहन मिला है, जिससे हजारों बुनकरों, कारीगरों और छोटे उद्यमियों की आजीविका मजबूत हो रही है।
भदोही की कालीनें अपनी बेहतरीन बुनाई, आकर्षक डिज़ाइन और उत्कृष्ट शिल्पकला के कारण दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं। ODOP योजना के माध्यम से कारीगरों को आधुनिक उपकरण, वित्तीय सहायता, डिज़ाइन नवाचार, प्रशिक्षण और विपणन की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे उनकी आय और उत्पादन क्षमता दोनों में सुधार हुआ है।
योजना का सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के पारंपरिक बुनकरों को मिला है। कई परिवार, जो पहले आर्थिक संकट से जूझ रहे थे, अब सरकारी सहायता और निर्यात के बढ़ते अवसरों के कारण आत्मनिर्भर बन रहे हैं। महिलाओं की भागीदारी भी कालीन उद्योग में लगातार बढ़ रही है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।
भदोही को भारत की ‘कार्पेट सिटी’ के रूप में जाना जाता है और यहां निर्मित हस्तनिर्मित कालीनों को वैश्विक बाजार में विशेष पहचान प्राप्त है। सरकार का उद्देश्य इस पारंपरिक उद्योग को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी मांग बढ़ाना तथा स्थानीय कारीगरों को आर्थिक रूप से सशक्त करना है।