वृंदावन को पूर्ण रूप से मांस-मदिरा मुक्त घोषित करने की मांग को लेकर आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। अलीगढ़ निवासी रोहित मलान हरिद्वार से कांवड़ लेकर वृंदावन पहुंचे हैं और यमुना तट स्थित वाराह घाट पर पिछले 10 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं। अन्न-जल त्यागने के कारण उनकी तबीयत बेहद नाजुक बताई जा रही है।
अनशनकारी रोहित की हालत बिगड़ने की सूचना मिलते ही कई सनातन संगठनों और श्रद्धालुओं का समर्थन आंदोलन को मिलने लगा है। बड़ी संख्या में लोग वाराह घाट पहुंचकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेने के साथ आंदोलन के समर्थन में जुट रहे हैं।
इस बीच चित्रगुप्त पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद जी महाराज भी अनशन स्थल पहुंचे और आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया। उन्होंने ब्रजभूमि की धार्मिक मर्यादा बनाए रखने की आवश्यकता पर बल देते हुए आंदोलनकारियों का हौसला बढ़ाया।
प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय प्रशासन पर अवैध मांस-मदिरा विक्रेताओं को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि धार्मिक नगरी वृंदावन में खुलेआम मांस की बिक्री हो रही है, जिससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं।
वहीं, सोशल मीडिया पर वृंदावन में खुलेआम मांस बिक्री का वायरल वीडियो सामने आने के बाद श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक वृंदावन में मांस-मदिरा पर प्रभावी प्रतिबंध लागू नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन और आमरण अनशन जारी रहेगा।