नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में सफाई कर्मचारी की हत्या के बाद साथी कर्मचारियों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दे रहा है। पूर्वी दिल्ली के कल्याणपुरी इलाके में सफाईकर्मी की चाकू मारकर हत्या के विरोध में कर्मचारियों ने कूड़ा उठाने का काम रोक दिया है।
काम के बहिष्कार का सीधा असर दिल्ली की सफाई व्यवस्था पर पड़ा है। कई इलाकों में सड़क किनारे और गलियों में कूड़े के ढेर जमा हो गए हैं। लंबे समय से कूड़ा नहीं उठने के कारण बदबू फैल रही है और स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है। कुछ जगहों पर कचरे के कारण यातायात भी प्रभावित होने की खबर है।
सफाई कर्मचारियों का कहना है कि साथी की हत्या ने उन्हें झकझोर दिया है। कर्मचारियों में सुरक्षा को लेकर नाराजगी है और वे मामले में सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। घटना के बाद बड़ी संख्या में सफाईकर्मियों ने विरोध जताते हुए काम से दूरी बनाई।
इस मामले ने दिल्ली की सफाई व्यवस्था और सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ कर्मचारी इंसाफ और सुरक्षा की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ काम रुकने से राजधानी के कई इलाकों में गंदगी का अंबार लग गया है।
मामले को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप कुमार ने सफाईकर्मी की हत्या के विरोध में धरने में हिस्सा लिया और मृतक परिवार के लिए न्याय की मांग की। वहीं, सरकार की ओर से सफाई व्यवस्था को लेकर शिकायतों पर कार्रवाई की अपील की गई है।
सफाईकर्मी की हत्या के बाद शुरू हुआ विरोध अब दिल्ली की सड़कों पर साफ दिखाई दे रहा है—कूड़े के बढ़ते ढेर के बीच लोगों की नजरें अब इस बात पर हैं कि कर्मचारियों की मांगों का समाधान कब होगा और राजधानी की सफाई व्यवस्था कब पटरी पर लौटेगी।