सोमवार को भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले कर्मचारियों और श्रमिकों से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान संगठन के सैकड़ों कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
भारतीय मजदूर संघ के मंडल महामंत्री जयप्रकाश शुक्ला ने बताया कि प्रदेश के सभी मुख्यालयों पर संगठन की ओर से बैठकें आयोजित की गईं। बैठक के बाद लंबे समय से लंबित श्रमिकों और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को लेकर देशव्यापी कार्यक्रम के तहत ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में कर्मचारियों की 22 सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से उठाया गया। संगठन ने आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों को 1 जनवरी 2026 से लागू करने तथा न्यूनतम वेतन 72 हजार रुपये करने की मांग की।
इसके अलावा आशा कार्यकर्ताओं का न्यूनतम मानदेय 18 हजार रुपये और आशा संगिनियों का 24 हजार रुपये किए जाने की मांग रखी गई। वहीं पटरी और रेहड़ी दुकानदारों के लिए उचित स्थान उपलब्ध कराने, ई-रिक्शा एवं ऑटो चालकों के लिए स्टैंड निर्धारित करने की मांग भी की गई।
भारतीय मजदूर संघ ने बैंकों में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने, प्रदेश के सभी जिला सहकारी बैंकों के लंबे समय से लंबित वेतनमान पुनरीक्षण और कृषि, ग्रामीण एवं दिहाड़ी मजदूरों के लिए उचित पारिश्रमिक निर्धारित करने सहित कई अन्य मांगों को भी ज्ञापन में शामिल किया।
संगठन ने सरकार से मांगों पर शीघ्र कार्रवाई कर कर्मचारियों और श्रमिकों को राहत देने की अपील की है।