आगरा ताजमहल को लेकर ‘तेजोमहालय’ का दावा एक बार फिर चर्चा में है। हिंदू संगठनों की ओर से ताजमहल को प्राचीन शिव मंदिर बताते हुए वहां पूजा और जलाभिषेक की मांग की जाती रही है। इसी मुद्दे को लेकर आगरा में विवाद फिर सामने आया है।
हिंदू संगठनों का दावा है कि ताजमहल मूल रूप से भगवान शिव को समर्पित मंदिर था, जिसे ‘तेजोमहालय’ के नाम से जाना जाता था। संगठन ताजमहल परिसर में पूजा की अनुमति देने और इसके इतिहास की जांच की मांग करते रहे हैं। हालांकि, ASI और इतिहासकार इस दावे को स्वीकार नहीं करते हैं।
इस विवाद को लेकर मामला अदालत तक भी पहुंच चुका है। 2026 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ताजमहल के संबंध में दायर याचिका पर केंद्र सरकार और अन्य पक्षों से जवाब मांगा था। याचिकाकर्ताओं ने ताजमहल का वैज्ञानिक एवं भौतिक सर्वे कराने की मांग की है।
वहीं, ताजमहल ASI संरक्षित स्मारक है और परिसर में धार्मिक गतिविधियों को लेकर नियम लागू हैं। ऐसे में पूजा की मांग और ताजमहल के इतिहास को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है।