मथुरा। थाना हाईवे क्षेत्र के असगरपुर सतोहा गांव में हुई मारपीट के मामले में पुलिस कार्रवाई को लेकर नया विवाद सामने आया है। आरोपी पक्ष और RLD के वरिष्ठ नेता कुंवर नरेंद्र सिंह ने पुलिस पर रंजिश के चलते बेकसूर लोगों और नाबालिगों को मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाया है।
दरअसल, कुछ दिन पहले जीतू ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 29 जुलाई की सुबह आटा चक्की पर जाते समय लाटूर, मोहित, तिलक और सिद्ध ने उसे रास्ते से पकड़ लिया और लोहे की रॉड व डंडों से मारपीट की। शिकायत में महिलाओं के साथ अभद्रता का आरोप भी लगाया गया था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की।
वहीं दूसरी ओर आरोपी लाटूर की पत्नी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि घटना के समय उनके पति का विवाद से कोई लेना-देना नहीं था और वह केवल वहां से गुजर रहे थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुरानी रंजिश के चलते पुलिस ने उनके पति को मामले में आरोपी बना दिया। इतना ही नहीं, उनका दावा है कि मुकदमे में दो नाबालिग बच्चों के नाम भी शामिल कर दिए गए, जबकि घटना के समय दोनों बच्चे मौके पर मौजूद ही नहीं थे।
मामले को लेकर RLD के वरिष्ठ नेता कुंवर नरेंद्र सिंह ने भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
कुंवर नरेंद्र सिंह का कहना है कि यदि किसी निर्दोष व्यक्ति या नाबालिग को गलत तरीके से मुकदमे में शामिल किया गया है तो मामले की निष्पक्ष जांच कर उन्हें न्याय मिलना चाहिए।
फिलहाल मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। ऐसे में पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना में वास्तविक रूप से कौन-कौन शामिल था और लगाए गए आरोप कितने सही हैं।