विनेश फोगाट को लेकर बोले— हाई कोर्ट जाना उनका अधिकार, राजनीतिक भविष्य पर कहा ‘होइहि सोइ जो राम रचि राखा’
वृंदावन। महिला पहलवानों से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से राहत मिलने के बाद भाजपा नेता एवं पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह मंगलवार को धर्मनगरी वृंदावन पहुंचे। यहां उन्होंने वाराह घाट स्थित आनंद लाडली धाम आश्रम पहुंचकर संत रितेश्वर महाराज के दर्शन किए और उनका आशीर्वाद लिया। वृंदावन प्रवास के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए अदालत के फैसले, विनेश फोगाट के संभावित कानूनी कदम और अपने राजनीतिक भविष्य से जुड़े सवालों पर प्रतिक्रिया दी।
आनंद लाडली धाम आश्रम पहुंचने पर बृजभूषण शरण सिंह ने संत रितेश्वर महाराज से मुलाकात की। उन्होंने संत का आशीर्वाद लिया और कुछ समय आश्रम में बिताया। अदालत से राहत मिलने के बाद उनके वृंदावन पहुंचने और संत से आशीर्वाद लेने को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा रही।
मीडिया ने जब पूर्व सांसद से पहलवान विनेश फोगाट के हाई कोर्ट जाने की संभावना को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि अदालत का दरवाजा खटखटाना उनका कानूनी अधिकार है। उन्होंने इस मुद्दे पर ज्यादा टिप्पणी करने से बचते हुए कानूनी प्रक्रिया को लेकर अपनी बात रखी।
वहीं जब बृजभूषण शरण सिंह से उनके आने वाले राजनीतिक भविष्य के बारे में पूछा गया तो उन्होंने सीधे तौर पर कोई राजनीतिक घोषणा करने के बजाय गोस्वामी तुलसीदास की प्रसिद्ध चौपाई ‘होइहि सोइ जो राम रचि राखा’ का सहारा लिया। उनके इस जवाब को भविष्य की राजनीति को लेकर संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।
इस दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने अपने विरोधियों पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ चला पूरा मामला राजनीतिक रूप से प्रायोजित था। पूर्व सांसद ने इसे कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और वामपंथी दलों द्वारा प्रायोजित एक अंतरराष्ट्रीय साजिश करार दिया। हालांकि यह उनका आरोप है और संबंधित राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया सामने आने पर उनका पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा।
बृजभूषण शरण सिंह लंबे समय तक भारतीय कुश्ती महासंघ से जुड़े रहे हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी उनका प्रभाव रहा है। महिला पहलवानों से जुड़े आरोपों के बाद यह मामला लंबे समय तक राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहा। ऐसे में अदालत से मिली राहत के बाद उनका वृंदावन पहुंचना और संत रितेश्वर महाराज का आशीर्वाद लेना चर्चा का विषय बन गया।
वृंदावन में मीडिया के सामने बृजभूषण शरण सिंह एक तरफ कानूनी सवालों पर संभलकर जवाब देते नजर आए, तो दूसरी तरफ राजनीतिक विरोधियों पर खुलकर निशाना साधा। वहीं अपने राजनीतिक भविष्य का फैसला उन्होंने भगवान राम की इच्छा पर छोड़ते हुए तुलसीदास की चौपाई के जरिए अपनी बात कही।