मथुरा। करंट की चपेट में आने से संविदा बिजली कर्मचारी दीपक की मौत के बाद मथुरा में संविदाकर्मियों का गुस्सा फूट पड़ा। घटना से आक्रोशित कर्मचारियों ने कैंट बिजलीघर पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम करने का प्रयास किया और विद्युत विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने अपनी मांगें पूरी नहीं होने और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा नहीं मिलने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी देते हुए पूरे जनपद में कार्य बहिष्कार कर दिया है।
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा संविदा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष गणेश तोमर की अगुवाई में दर्जनों संविदाकर्मी कैंट बिजलीघर पहुंचे। कर्मचारियों ने कार्यालय के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया और मुख्य सड़क पर जाम लगाने का प्रयास किया।
प्रदर्शन और जाम की सूचना मिलने पर थाना सदर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने कर्मचारियों को समझाने का प्रयास करते हुए किसी तरह यातायात व्यवस्था संभाली, लेकिन संविदाकर्मियों का आक्रोश शांत नहीं हुआ। कर्मचारी बिजलीघर कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए और विद्युत विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कर्मचारी संघ के मुताबिक मंगलवार सुबह सीएमओ कार्यालय के सामने विद्युत लाइन पर काम करने के दौरान संविदाकर्मी दीपक करंट की चपेट में आ गया था। गंभीर रूप से घायल दीपक को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
दीपक की मौत के बाद संविदाकर्मियों ने विद्युत विभाग के अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। कर्मचारियों का कहना है कि बिजली की हाईटेंशन लाइनों पर जान जोखिम में डालकर काम करने के बावजूद उन्हें पर्याप्त सुरक्षा संसाधन उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने दावा किया कि उन्हें महज 9 से 10 हजार रुपये प्रतिमाह के वेतन पर काम करना पड़ रहा है, जबकि कई बार उनसे 24-24 घंटे तक ड्यूटी कराई जाती है। कर्मचारियों का आरोप है कि काम के दौरान इस्तेमाल होने वाली बाइक, पेट्रोल और मोबाइल फोन का खर्च भी उन्हें अपनी जेब से उठाना पड़ता है।
संविदाकर्मियों का कहना है कि बिजली की लाइनों पर काम करना बेहद जोखिम भरा है, लेकिन इसके बावजूद पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध नहीं कराए जाते। सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण पहले भी कई कर्मचारी हादसों का शिकार हो चुके हैं।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनकी समस्याओं और मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। उनका कहना है कि कई बार अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखी गईं, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला।
दीपक की मौत के बाद कर्मचारियों ने मृतक के परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा और अन्य नियमानुसार सहायता देने की मांग प्रमुखता से उठाई है। इसके साथ ही घटना की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने की मांग भी की गई है।
संविदाकर्मियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारी मान सिंह ने बताया कि जनपद के संविदा कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया है।
कार्य बहिष्कार के कारण जिले में विद्युत व्यवस्था से जुड़े कई कार्य प्रभावित होने की आशंका है। खासतौर पर बिजली लाइन में फॉल्ट आने, मरम्मत और अन्य तकनीकी कार्यों पर इसका असर पड़ सकता है।
यूनियन ने प्रशासन और विद्युत विभाग को चेतावनी दी है कि यदि मृतक दीपक के परिवार को न्याय, उचित मुआवजा और संविदाकर्मियों को पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने सहित उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
कर्मचारी संगठन ने यहां तक चेतावनी दी है कि मांगों की अनदेखी जारी रहने पर जनपद के सभी संविदाकर्मी सामूहिक इस्तीफा देने और उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। फिलहाल कैंट बिजलीघर पर संविदाकर्मियों के प्रदर्शन और पूरे जनपद में कार्य बहिष्कार के चलते मामला गरमाया हुआ है।