आगरा। विश्व प्रसिद्ध ताजमहल की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को ताजमहल के पश्चिमी गेट के प्री-सिक्योरिटी एरिया में हाई लेवल मेगा मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान लावारिस बैग में विस्फोटक होने की काल्पनिक सूचना पर सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया।
मॉक ड्रिल सुबह करीब 10:40 बजे शुरू हुई और लगभग 11:50 बजे तक चली। सूचना मिलते ही CISF, उत्तर प्रदेश पुलिस, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI), अग्निशमन विभाग, बम निरोधक दस्ता (BDDS), डॉग स्क्वाड, LIU, मेडिकल टीम और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। सभी एजेंसियों ने तय मानकों (SOP) के अनुसार संदिग्ध बैग की जांच और विस्फोटक निस्तारण की पूरी प्रक्रिया का अभ्यास किया।
ड्रिल के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया और पूरे अभियान को नियंत्रित वातावरण में सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित आपात स्थिति में सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया, आपसी समन्वय और सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता का परीक्षण करना था।
मॉक ड्रिल का संचालन CISF यूनिट ताजमहल के कमांडेंट के निर्देशन में किया गया। अभ्यास समाप्त होने के बाद सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी हुई, जिसमें ड्रिल के दौरान अपनाई गई रणनीति, समन्वय और भविष्य में सुधार की संभावनाओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों का कहना है कि ताजमहल जैसे संवेदनशील और अंतरराष्ट्रीय महत्व के स्मारक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के अभ्यास समय-समय पर किए जाते रहेंगे।