उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जिला अस्पताल से 28 जुलाई की रात रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुई 10 वर्षीय मासूम बच्ची (दीपिका) की निर्मम हत्या कर दी गई है। इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाला कोई और नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश पुलिस का ही एक निलंबित सिपाही अभिषेक यादव निकला।
पीड़ित परिवार (मूल निवासी आजमगढ़) जिला अस्पताल में अपनी बड़ी बेटी का इलाज करवा रहा था। 28 जुलाई की रात करीब 10 बजे जब छोटी बच्ची घर लौटने लगी, तो वर्दी पहने आरोपी सिपाही ने उसे घर छोड़ने का झांसा दिया और अपनी अपाचे बाइक पर बैठाकर ले गया। जब बच्ची देर रात तक घर नहीं पहुंची, तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की और पुलिस में मामला दर्ज कराया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और इलाके के 200 से अधिक सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली। बाइक के नंबर को ट्रेस करते हुए पुलिस ने गाजीपुर निवासी आरोपी सिपाही अभिषेक यादव को गिरफ्तार कर लिया। सख्त पूछताछ के बाद आरोपी की निशानदेही पर चिउटहा पुल के पास नदी से बच्ची का शव बरामद किया गया।