राज्यसभा में यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब विपक्षी सांसदों ने हाल के छात्र प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई और कथित बल प्रयोग का मुद्दा उठाया। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि लोकतंत्र सुरक्षित नहीं है और प्रदर्शनकारियों के साथ अत्यधिक बल प्रयोग किया गया। उन्होंने इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
जवाब में सदन के नेता जेपी नड्डा ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है। उन्होंने अपने छात्र जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि आपातकाल के दौरान उन्हें भी कई बार कक्षा से गिरफ्तार किया गया था। नड्डा ने कहा कि छात्र राजनीति और आंदोलन करने वालों को ऐसी परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए और पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई करती है।
नड्डा के इस बयान पर विपक्ष ने तीखी आपत्ति जताई, जिसके बाद सदन में जोरदार हंगामा हुआ। विपक्षी सदस्यों ने पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांगा और गृह मंत्री से सदन में बयान देने की मांग दोहराई। लगातार शोर-शराबे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित भी करनी पड़ी।
यह पूरा विवाद हाल में हुए छात्र आंदोलन और उसके दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बाद सामने आया है। इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच संसद के भीतर राजनीतिक टकराव लगातार तेज होता दिखाई दे रहा है।