दिल्ली में संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा की जांच में दिल्ली पुलिस ने बड़ा दावा किया है। पुलिस के अनुसार, 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज, पुलिस कैमरों और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का विश्लेषण करने के बाद प्रदर्शन में शामिल 2,873 लोगों की पहचान की गई। इनमें से 989 लोगों के खिलाफ पहले से गंभीर आपराधिक मामले दर्ज होने की बात सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक, चिन्हित लोगों में 101 हत्या के आरोपी, 284 डकैती और लूट के मामलों से जुड़े आरोपी, जबकि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस, अपहरण और झपटमारी जैसे मामलों में भी बड़ी संख्या में लोगों के आपराधिक रिकॉर्ड पाए गए हैं। जांच में दावा किया गया है कि कई आरोपी आदतन अपराधी हैं और उनके खिलाफ एक से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा की जांच अभी जारी है। सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है तथा फरार लोगों की तलाश की जा रही है। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम के बीच सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों से जुड़े मामलों में सीसीटीवी और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने तथा नाबालिग प्रदर्शनकारियों की रिहाई सहित कुछ अंतरिम निर्देश भी दिए हैं।