जापान के दक्षिण-पश्चिमी द्वीप क्यूशू (Kyushu) के कुमामोटो प्रांत में मंगलवार को 7.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आने से अफरा-तफरी मच गई। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं, बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और रेल सेवाओं के साथ हवाई यातायात भी प्रभावित हुआ। भूकंप के तुरंत बाद जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने तटीय क्षेत्रों के लिए सुनामी अलर्ट जारी करते हुए लोगों से समुद्र तटों और नदी किनारों से दूर रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की।
भूकंप के बाद करीब 40 हजार से अधिक घरों की बिजली गुल हो गई, जबकि शिंकानसेन बुलेट ट्रेन सेवाएं और कुमामोटो एयरपोर्ट का संचालन एहतियातन रोक दिया गया। कई स्थानों पर इमारतों को नुकसान, आग लगने और लोगों के घायल होने की भी खबरें सामने आई हैं। राहत एवं बचाव दलों को तुरंत प्रभावित क्षेत्रों में रवाना कर दिया गया है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। वहीं परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में किसी तरह की गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली है।
जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने आपात बैठक बुलाकर सभी एजेंसियों को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने लोगों से आफ्टरशॉक की आशंका को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की है। हालांकि बाद में जारी सुनामी अलर्ट को हटा लिया गया, लेकिन विशेषज्ञों ने अगले कुछ दिनों तक तेज झटकों की संभावना जताई है। जापान दुनिया के सबसे अधिक भूकंप प्रभावित देशों में शामिल है और 'रिंग ऑफ फायर' क्षेत्र में स्थित होने के कारण यहां अक्सर तेज भूकंप आते रहते हैं