उत्तर प्रदेश के महोबा से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां जेल से जमानत पर रिहा हुए एक शातिर अपराधी की आजादी महज कुछ सेकंड की ही साबित हुई। जेल के मुख्य द्वार से बाहर निकलते ही पहले से घेराबंदी कर खड़ी मध्य प्रदेश पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। जिस अपराधी की रिहाई का उसके परिजन बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, वह जेल से बाहर आते ही फिर सलाखों के पीछे पहुंच गया।
जानकारी के मुताबिक, अजनर थाना क्षेत्र के कैथौरा गांव निवासी प्रदीप राजपूत को उत्तर प्रदेश पुलिस ने 23 जुलाई को अवैध 315 बोर तमंचा और एक जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था। जांच में यह भी सामने आया कि जिलाधिकारी द्वारा उसे छह माह के लिए जिला बदर घोषित किया गया था, लेकिन इसके बावजूद वह आदेश का उल्लंघन करते हुए जिले की सीमा में घूम रहा था।
पुलिस ने उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट और उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामला न्यायालय में पहुंचा और सोमवार देर शाम प्रदीप को जमानत मिल गई। इसके बाद उसे महोबा जिला कारागार से रिहा कर दिया गया।
लेकिन जेल के बाहर उसका इंतजार कोई परिजन नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश पुलिस कर रही थी। जैसे ही प्रदीप जेल के मुख्य गेट से बाहर निकला, पहले से मौजूद मध्य प्रदेश के गौरिहार थाना पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई को देखकर वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए।
बताया जा रहा है कि प्रदीप राजपूत वर्ष 2019 में मध्य प्रदेश में हुए ट्रैक्टर-ट्रॉली लूटकांड का वांछित आरोपी है। इस मामले में वह पिछले सात वर्षों से फरार चल रहा था। उसके खिलाफ मध्य प्रदेश की अदालत से स्थायी वारंट भी जारी किया गया था और पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी।
मध्य प्रदेश पुलिस को जब यह जानकारी मिली कि प्रदीप महोबा जेल में बंद है और उसे जमानत मिलने वाली है, तो गौरिहार थाना पुलिस की टीम तुरंत महोबा पहुंच गई। पुलिस ने जेल प्रशासन से समन्वय किया और उसकी रिहाई होते ही उसे दोबारा गिरफ्तार कर लिया।
इस दौरान प्रदीप के परिजन उसकी रिहाई का इंतजार कर रहे थे और उसे घर ले जाने की तैयारी में थे, लेकिन उनकी खुशी कुछ ही पलों में मायूसी में बदल गई। जमानत पर बाहर निकलते ही आरोपी को दूसरी पुलिस टीम अपने साथ लेकर रवाना हो गई।
फिलहाल मध्य प्रदेश पुलिस प्रदीप राजपूत को ट्रांजिट प्रक्रिया पूरी करने के बाद गौरिहार लेकर गई है, जहां वर्ष 2019 के ट्रैक्टर-ट्रॉली लूटकांड और उससे जुड़े अन्य मामलों में उससे पूछताछ की जाएगी। पुलिस का मानना है कि पूछताछ में कई अन्य अहम जानकारियां भी सामने आ सकती हैं।