मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है, जहां रैली से लौट रहे तीन युवकों की बाइक पैदल जा रहे दंपती से टकरा गई। हादसा इतना भीषण था कि बाइक चला रहा युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया और अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं दो अन्य युवक घायल हुए हैं, जिनमें एक की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के मुताबिक यह हादसा छतरपुर जिले के बड़ा मलहरा कस्बे में मोदी मैरिज गार्डन के सामने हुआ। बताया जा रहा है कि तीन युवक एक रैली में शामिल होने के बाद बाइक से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान सड़क पर पैदल जा रहे एक दंपती से उनकी बाइक टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई और उस पर सवार तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने घायलों को सड़क से उठाकर सिविल अस्पताल बड़ा मलहरा पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने 20 वर्षीय कैलाश प्रजापति को जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। कैलाश की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
वहीं हादसे में घायल अभिषेक प्रजापति की हालत गंभीर होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जबकि तीसरे युवक आनंद प्रजापति का इलाज करने के बाद डॉक्टरों ने उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के समय गोकल नामदेव अपनी पत्नी के साथ सड़क किनारे पैदल जा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार बाइक अचानक उनसे टकरा गई, जिससे संतुलन बिगड़ने पर बाइक सवार युवक सड़क पर गिर पड़े। हादसा इतना अचानक हुआ कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही युवक गंभीर रूप से घायल हो चुके थे।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू कराया। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा मर्ग कायम कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हादसा तेज रफ्तार, लापरवाही या किसी अन्य वजह से हुआ।
फिलहाल पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। वहीं इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रैली से लौट रहे युवकों की यह यात्रा उनके लिए आखिरी सफर साबित हुई, जबकि एक परिवार ने अपना जवान बेटा हमेशा के लिए खो दिया।