मथुरा। 'गो सम्मान आह्वान अभियान' के तहत सोमवार को गौ सम्मान दिवस के अवसर पर मथुरा कलेक्ट्रेट परिसर में साधु-संतों, धर्माचार्यों और गौसेवकों का विशाल जमावड़ा देखने को मिला। गौमाता को 'राष्ट्रमाता' घोषित करने और पूरे देश में पूर्ण गोहत्या बंदी कानून लागू करने की मांग को लेकर संत समाज ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा।
कार्यक्रम के दौरान संतों और गौसेवकों ने भारतीय संस्कृति में गौमाता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सनातन धर्म में गौमाता को पूजनीय माना गया है। विशेष रूप से भगवान श्रीकृष्ण की लीला स्थली ब्रज में गौ सेवा और गौ संरक्षण की परंपरा सदियों से चली आ रही है। ऐसे में केंद्र सरकार को गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने के साथ-साथ पूरे देश में गोवध पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए सख्त केंद्रीय कानून लागू करना चाहिए।
अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों ने बताया कि यह आंदोलन देशव्यापी जनसमर्थन प्राप्त कर रहा है। उनके अनुसार, हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से अब तक 11 करोड़ से अधिक लोगों ने अपना समर्थन दिया है, जबकि ब्रजमंडल से 21 लाख से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर कर अभियान के प्रति अपनी सहमति जताई है। उन्होंने बताया कि सोमवार को देशभर के 800 से अधिक जिला मुख्यालयों पर एक साथ ज्ञापन सौंपकर केंद्र सरकार से मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया गया।
कार्यक्रम के दौरान कई गौसेवक सुसज्जित गाय और बैलों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गौ-पूजन किया गया और गौ संरक्षण एवं संवर्धन का सामूहिक संकल्प लिया गया। पूरे परिसर में धार्मिक और श्रद्धामय वातावरण देखने को मिला।
संत समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों पर समय रहते सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो 27 अक्टूबर को आयोजित होने वाली संतों की बैठक में आंदोलन की आगामी रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह अभियान किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और गौ संरक्षण के प्रति समाज की भावनाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में साधु-संत, धर्माचार्य, गौसेवक और श्रद्धालु उपस्थित रहे। प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर उसे शासन तक भेजने का आश्वासन दिया।