नई दिल्ली। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की आय पिछले पांच वर्षों में दोगुनी से अधिक हो गई है। केंद्र सरकार ने राज्यसभा में बताया कि एजेंसी की आय 2019-20 में 504.16 करोड़ रुपये से बढ़कर 2023-24 में 1,116.84 करोड़ रुपये हो गई है। इसी अवधि में NTA का खर्च भी 440.20 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,040.96 करोड़ रुपये पहुंच गया। यह जानकारी ऐसे समय में सामने आई है, जब परीक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता को लेकर देशभर में चर्चा जारी है।
शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने राज्यसभा में बताया कि शुरुआती तीन वर्षों तक NTA की आय लगभग 500 करोड़ रुपये के आसपास रही, लेकिन 2022-23 में यह बढ़कर 900.56 करोड़ रुपये हो गई और 2023-24 में 1,116.84 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई। एजेंसी के व्यय में भी इसी अवधि के दौरान उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
सरकार ने संसद को यह भी बताया कि 2018 में स्थापना के बाद से NTA ने 270 से अधिक परीक्षाएं आयोजित की हैं, जिनमें 6.6 करोड़ से अधिक अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया। केवल 2026 में ही 12 परीक्षाओं का आयोजन किया गया, जिनमें 65 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने आवेदन किया। वर्तमान में NTA में 39 स्थायी पद, 73 संविदा कर्मचारी और 124 आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं