संस्कृति स्कूल ऑफ मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन के डीन डॉ. गंगाधर हुगार ने बताया कि एमबीए का पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को कॉर्पोरेट जगत की चुनौतियों के लिए तैयार करता है। इससे छात्रों को लीडरशिप, बेहतर करियर ग्रोथ, आकर्षक वेतन और प्रोफेशनल नेटवर्किंग के अवसर मिलते हैं।
उन्होंने बताया कि एमबीए में प्रवेश के लिए किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से स्नातक में न्यूनतम निर्धारित अंक आवश्यक हैं। प्रवेश कैट, मैट, सीमैट के स्कोर या संस्कृति विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया के माध्यम से लिया जा सकता है।
डॉ. हुगार के अनुसार विश्वविद्यालय में मार्केटिंग, फाइनेंस, ह्यूमन रिसोर्स, बिजनेस एनालिटिक्स, डिजिटल मार्केटिंग, ऑपरेशंस एंड सप्लाई चेन, इंटरनेशनल बिजनेस, हेल्थकेयर मैनेजमेंट, हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन, एंटरप्रेन्योरशिप, आईटी मैनेजमेंट, रिटेल, एविएशन और एग्री-बिजनेस मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता प्राप्त करने का अवसर मिलता है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने विभिन्न उद्योगों के साथ एमओयू किए हैं, जिससे विद्यार्थियों को प्रशिक्षण और प्लेसमेंट के बेहतर अवसर मिलते हैं। यहां के कई विद्यार्थी आज देश और विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियों में कार्यरत हैं।
विश्वविद्यालय का कहना है कि विद्यार्थियों की रुचि और क्षमता के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, इंडस्ट्री एक्सपोजर और प्लेसमेंट सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें सफल करियर की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है।