देश की संसद का मानसून सत्र शुरू हो गया है। पहले ही दिन लोकसभा और राज्यसभा में जमकर हंगामा देखने को मिला। सरकार ने जहां सत्र को सुचारु रूप से चलाने और जरूरी विधायी कामकाज पूरा करने की अपील की, वहीं विपक्ष ने कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी दिखाई।
संसद के मानसून सत्र की शुरुआत राजनीतिक गर्मी के साथ हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्र शुरू होने से पहले सभी दलों से सकारात्मक चर्चा और जनहित से जुड़े मुद्दों पर काम करने की अपील की। सरकार का कहना है कि संसद में ज्यादा से ज्यादा काम होना चाहिए और देश से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा होनी चाहिए।
लेकिन सत्र के पहले दिन विपक्ष ने कई मुद्दों को लेकर सरकार पर हमला बोला। लोकसभा और राज्यसभा में विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी के कारण कार्यवाही प्रभावित हुई। दोनों सदनों में कई बार व्यवधान देखने को मिला।
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की रणनीति बनाई है। विपक्ष की ओर से कथित अनियमितताओं, परीक्षा से जुड़े विवादों और अन्य जनहित के मुद्दों को सदन में उठाने की बात कही गई है।
सरकार मानसून सत्र में कई विधायी काम पूरे कराने की तैयारी में है। सत्ता पक्ष का कहना है कि विपक्ष को चर्चा में भाग लेना चाहिए और संसद को सुचारु रूप से चलने देना चाहिए।